23वां प्रतिवेदन लोकार्पण

तुलसी के संदेशों से पूरा विश्व लाभान्वित हो रहा है: डॉ. मेघना शर्मा
आचार्य तुलसी शान्ति प्रतिष्ठान के 22वां-23वां वार्षिक प्रतिवेदन का हुआ लोकार्पण
गंगाशहर 21 फरवरी 2021।
गंगाशहर स्थित नैतिकता का शक्तिपीठ परिसर में आचार्य तुलसी शान्ति प्रतिष्ठान का  22-23वां वार्षिक प्रतिवेदन का लोकार्पण रविवार को किया गया। मुख्य अतिथि महिला अध्ययन केन्द्र एमजीएसयू की निदेशक डॉ. मेघना शर्मा ने कहा कि आचार्य तुलसी शान्ति प्रतिष्ठान गुरुदेव आचार्य तुलसी के सिद्धान्तों को जन-जन तक पहंुचाने के लिए भागीरथी प्रयास कर रहा है। आचार्यश्री तुलसी प्रेम-भाईचारा, सद्भावना, अहिंसा, समन्वय, नैतिकता, राष्ट्र उत्थान, नारी-शिक्षा सभी क्षेत्रों से सामाजोपयोगी कार्य किए है। गुरुदेव तुलसी के संदेशों को आज भारत ही नहीं अपितु पूरा विश्व लाभान्वित हो रहा है।
आचार्य तुलसी शान्ति प्रतिष्ठान के अध्यक्ष जैन लूणकरण छाजेड़ ने कहा कि नैतिकता के शक्तिपीठ पर सभी धर्मों के साधु संतों के समय-समय पर होने वाले समागम से जहां गंगाशहर अपनी आध्यात्मिकता के कारण विख्यात है वहीं आचार्य तुलसी की पुण्यभूमि के गौरव एवं स्मृति में बने नैतिकता का शक्तिपीठ की स्थापना से इस क्षेत्र की ख्याति विश्व स्तर पर बढी है। आचार्य तुलसी शान्ति प्रतिष्ठान  आमजन के लिए सहायता प्रदान करने में  महत्ती भूमिका अदा कर रहा है। उन्होंने बताया कि चिकित्सा के क्षेत्र में आचार्य तुलसी शान्ति प्रतिष्ठान का अवदान आचार्य तुलसी रिजनल कैंसर चिकित्सा व अनुसंधान केन्द्र में न केवल बीकानेर अपितु आस-पास के कई राज्यों से मरीजों का इलाज हो रहा है। साथ ही प्रेक्षाध्यान के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य लाभ दिया जा रहा है। प्रतिष्ठान ने कैंसर सेंटर में कोबाल्ट कक्ष, पेलिएटिव यूनिट, प्रेक्षा कॉटेज, आचार्य महाप्रज्ञ बोनमेरो ट्रांसप्लांट यूनिट आदि का निर्माण भी आमजन के स्वास्थ्य लाभ हेतु करवाया  है। छाजेड़ ने कहा कि प्रतिष्ठान के 22वां- 23वां वार्षिक प्रतिवेदन में नैतिकता का शक्तिपीठ पर आयोजित एवं संचालित होने वाली सभी गतिविधियों को प्रस्तुत किया गया है। आचार्यश्री तुलसी शान्ति प्रतिष्ठान द्वारा किए जा रहे लोक कल्याणकाारी कार्यों की भी जानकारी इस प्रतिवेदन में उल्लेखित है। इस अवसर पर ट्रस्टी जतन संचेती, नारायण गुलगलिया, अभातेयुप राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य पीयूष लुणिया, तेयुप अध्यक्ष पवन छाजेड़, बिजेन्द्र छाजेड़, सुमित बोहरा सहित अनेक लोग उपस्थित थे। लोकार्पण के बाद डॉ. मेघना शर्मा को ’’आचार्य महाप्रज्ञ ने कहा’’ साहित्य का पूरा सेट भेंट किया गया। यह वार्षिक प्रतिवेदन देश-विदेश में निवास कर रहे आचार्य तुलसी शान्ति प्रतिष्ठान के हजारों सदस्यों को प्रेषित किया जा रहा है।

प्रेषक
जैन लूणकरण छाजेड़
अध्यक्ष